...तो नाबालिग था एनकाउंटर में ढेर दुबे का गुर्गा प्रभात?
कानपुर फरीदाबाद से लाते वक्त 9 जुलाई की सुबह एनकाउंटर में मारे गए प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय की उम्र पर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने प्रेस नोट में प्रभात की उम्र 20 साल बताई थी, जबकि मंगलवार को उसके परिवार ने दावा किया कि प्रभात की उम्र 17 साल थी। इसके समर्थन में उन्होंने मार्कशीट और आधार कार्ड दिखाया। इसमें प्रभात की जन्मतिथि 27 मई 2004 लिखी हुई है। हरियाणा और यूपी पुलिस की टीमों ने प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय को 7 जुलाई की रात फरीदाबाद में पकड़ा था। दावा किया गया था कि प्रभात और अन्य के साथ विकास दुबे भी था, जो कुछ समय पहले भाग निकला था। फरीदाबाद की अदालत से 8 जुलाई को उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया। पुलिस का दावा है कि 9 जुलाई की सुबह कानपुर लाते वक्त कानपुर नगर के भौंती एरिया में हाईवे पर अचानक सरकारी गाड़ी पंक्चर हो गई थी। भागने की कोशिश कर रहा था, एनकाउंटर में मारा गया एसआई देवेंद्र और सिपाही सुनील कुमार प्रभात को लेकर नीचे उतरे। टायर बदलते समय मौका देखकर प्रभात ने सिपाही सुनील के मुंह पर मुक्का मारा और देवेंद्र की सरकारी पिस्टल छीनकर फायर करते हुए भागा। पीछे से आ रही एसटीएफ ने पीछा किया तो प्रभात ने फायरिंग की। इसमें एसटीएफ के सिपाही विकास और सुनील घायल हो गए थे, जबकि एसआई अक्षय प्रवीर त्यागी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी थी। जवाबी फायरिंग में प्रभात गोली लगने से जख्मी हुआ था। कल्याणपुर सीएचसी में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। उसके कब्जे से 9 एमएम पिस्टल बरामद हुई थी। सरकारी प्रेस नोट में उम्र 20 साल सरकारी प्रेस नोट में प्रभात उर्फ कार्तिकेय की उम्र 20 साल बताई गई थी। दूसरी तरफ मंगलवार को प्रभात उर्फ कार्तिकेय की बहन हिमांशी ने प्रभात की हाईस्कूल परीक्षा यूपी बोर्ड-2018 की मार्कशीट में उसकी जन्मतिथि 27 मई 2004 दर्ज है। उसमें उसका नाम कार्तिकेय पुत्र राजेंद्र कुमार दर्ज है। आधार कार्ड में उसका नाम कार्तिकेय पुत्र राजेंद्र कुमार, पता- ग्राम बिकरू पोस्ट कंजती जिला कानपुर नगर-209204 दर्ज है। बहन बोली- बिना गलती के मार दिया हिमांशी ने दावा किया कि उसके पिता कभी विकास के पास नहीं उठते-बैठते थे। हिमांशी ने कहा, 'मेरे परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। भाई को तो पहले ही बिना गलती मार दिया। वह तो नाबालिग था।' पुलिसवालों को मारने का था अफसोस पुलिस के मुताबिक, बिकरू गांव में पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाने में प्रभात मिश्रा भी शामिल था। प्रभात ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि घटना वाली रात में वह विकास के घर पर था और उसने भी फायरिंग की थी। साथ ही उसने कहा, 'मुझे पुलिसवालों को मारने का अफसोस है।'
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