7 कत्ल का न अफसोस, न ही कोई डर... शबनम का प्रेमी बोला- फांसी लगते-लगते वर्षों लग जाएंगे
बरेली साल 2008 में यूपी के अमरोहा में हुए नरसंहार का आरोपी सलीम अपनी फांसी की सजा को लेकर बेफिक्र है। 2008 की 14-15 अप्रैल की रात को शबनम ने सलीम के साथ मिलकर अपने ही परिवार के सात लोगों की कुल्हाड़ी से निर्मम हत्या कर दी थी। कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है। शबनम बरेली जेल में बंद है। प्रेमिका शबनम के साथ मिलकर उसके परिवार के सात लोगों को निर्ममता से मौत के घाट उतारने वाला सलीम फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भी बेफिक्र है। उसका कहना है, 'इतनी जल्दी मुझे फांसी नहीं लगेगी। इतने विकल्प खुले हैं कि हमको फांसी लगते-लगते अभी वर्षों लग जाएंगे।' 'सलीम को न पहले अफसोस था, न अब'वह यह सब जेल में साथी बंदियों को बताता है। प्रयागराज के वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि सलीम को कोई पश्चाताप न पहले था और न आज है। हालांकि जेल में उनकी जानकारी में उसने ऐसी कोई हरकत नहीं की और न कर रहा है, जिससे कि कोई परेशान है। रामपुर से बरेली भेजी गई शबनमशबनम और उसके प्रेमी सलीम को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। शबनम जुलाई 2019 से रामपुर जेल में बंद थी लेकिन जेल में उसकी फोटो वायरल होने के बाद उसे बरेली जेल ट्रांसफर कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति ने शबनम और सलीम की दया याचिका खारिज कर दी है। शबनम के वकील ने अब राज्यपाल को एक दया याचिका भेज रखी है। शबनम का डेथ वॉरंट अभी नहीं आया है।
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