विकास दुबे का एक बेटा लंदन तो दूसरा कानपुर में कर रहा पढ़ाई: बेटे की करतूत पर मां बोली- कर दो एनकाउंटर, हमें दुःख नहीं होगा
उत्तर प्रदेश के कानपुर में मुठभेड़ के दौरान आठ पुलिसकर्मियों की जान लेने वाला दुर्दांत अपराधी विकास दुबे 36 घंटे बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के साथ ही पुलिस के आला अधिकारी उसकी तलाश में कानपुर में कैंप कर रहे हैं। इसी बीच विकास दुबे सहित 35 लोगों के खिलाफ हत्या तथा हथियारों की लूट का मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस की सौ टीमें तलाश में लगाई हैं। यूपी के सीमा को सील कर दिया गया है। परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है।
विकास के परिवार में पत्नी, दो बच्चे, मां-पिता के अलावा मामा हैं। मामा समेत दो को पुलिस नेमुठभेड़ मार गिराया था।वहीं लखनऊ में रह रही विकास की मां ने कहा कि मेरे बेटे काएनकाउंटर कर दिया जाए। इसका मुझे तनिक भी दुःख नहीं होगा।
बड़ा इंग्लैंड और छोटा बेटा कानपुर में कर रहा पढ़ाई
विकास जितना बड़ा कुख्यात बदमाश है, उसकापरिवार उतना ही सरल नजर आता है। अबउसके अपराध की कीमत परिवार को भी चुकानी पड़ रही है। विकास का बड़ा बेटा इंग्लैंड में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है जबकि दूसरा बेटा कानपुर में ही रहकर इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। एक भाई दीपू दुबे हैजो लखनऊ स्थित आवास में अपनी मां सरला के साथ रहता है। मां का कहना है कि विकास के कारण पूरे परिवार को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बेहतर है कि वो खत्म हो जाए।
पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम कर चुके हैं पुरस्कृत
विकास की मां सरला काफी समय से बीमार चल रही है। वह कहती है- छोटे बेटे दीपू की पत्नी अंजली बिकरु गांव में 10 साल से प्रधान है। उसके काम से खुश होकर राष्ट्रपति अब्दुल कलाम भी दिल्ली में अंजली को पुरस्कृत कर चुके हैं। अंजली की उन्होंने खूब तारीफ की। अंजली का इन सबसे कोई लेना देना नहीं है। मां का कहना है कि उनके पति गांव में ही रहते हैं।लंबे अरसे से उनकी उनसे मुलाकात नहीं हुई है।
यूपी का बॉर्डर सील, नेपाल के रास्ते पर चौकसी बढ़ाई गई
प्रदेश के आठ बहादुर पुलिसकर्मियों का हत्यारा दुर्दांत अपराधी विकास दुबे अभी भी फरार है। कानपुर के चौबेपुर में अपने गांव बिकरुमें करीब चार घंटे की घटना को अंजाम देने के बाद से फरार विकास दुबे की तलाश में प्रदेश की सौ पुलिस टीमें लगी हैं। इनमें एसटीएफ की भी आठ टीमें हैं। विकास दुबे की फरारी के 36 घंटा के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा है। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में लखनऊ, कन्नौज, सौनभद्र, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, सहारनपुर तथा बांदा में छापे मार रही हैं। यूपी के सभी बॉर्डर सील कर यहां तक एसटीएफ़ को नेपाल बॉर्डर तक अलर्ट किया गया हैं। लखनऊ में उनके छोटे भाई की पत्नी तथा पत्नी के भाई को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अंजली और उसकी भांजी को अपने साथ पूछताछ के लिए थाने लेकर गई है। विकास का कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र की इंद्रलोक कॉलोनी में घर है, लेकिन जब पुलिस जब वहां गई तो उसे ताला लगा मिला, जिसे तोड़कर वह एक-एक कमरे की तलाशी में लग गई। विकास के भाई दीप प्रकाश की पत्नी के नाम लाइसेंसी रिवाल्वर जब्त कर ली हैं। उसके भाई दीप प्रकाश दुबे का मोबाइल बन्द जा रहा और वह घटना के बाद से फरार हैं।
विकास की संपत्ति और बैंक खातों की जांच में लगी पुलिस
विकास पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने उसके बैंक खाते और संपत्ति की जांच शुरू कर दी है। बिकरुगांव के स्थानीय लोगों की माने तो विकास के नाम पर कोई संपत्ति नहीं है। विकास अपने परिजनों समेत रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति बनाए हुए है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गांव में ही डेढ़-दो सौ बीघा खेती लायक उसकी जमीन है,जबकि कानपुर में 30 से ज्यादा विवादित प्लाटों पर उसका कब्जा है। गांव वालों के मुताबिक 100 करोड़ से कम विकास की संपत्ति नहीं होगी।
विकास के खास 5 आदमी है एसटीएफ की रडार पर
सूत्रों के मुताबिक विकास के गैंग में यूं तो कई लड़के थे जो उसके इशारे पर किसी का भी मर्डर कर देते लेकिन विकास के 5 खास आदमी एसटीएफ की रडार पर हैं। बताया जाता है यह 5 आदमी हमेशा विकास के साथ रहते हैं।
- हीरू:विकास का खास आदमी हीरू विकास का वित्तीय काम देखता है। कहाँ किससे कब पैसा लाना है एक कहाँ कितना पैसा पहुंचाना है। यह सब इसके ही जिम्मे रहता है।
- गोपाल सैनी:यह विकास की जमीनों का काम देखता है। यही विकास का मुख्य धंधा है। किसी भी विवादित जमीन को कब्जा करनाया फिर किसी शरीफ आदमी की जमीन पर कब्जा कर उसे छोड़ने की एवज में वसूली करने जैसे काम सब इसी के जिम्मे है। यही जमीनों की टिप भी विकास को देता था।
- अमर दुबे:यह विकास का पर्सनल बॉडी गार्ड है जोकि असलहे से हमेशा लैस रहता है। यह विकास पर आने वाली किसी विपत्ति को सबसे पहले खुद पर झेल लेता है।
- गुड्डू शुक्ला:यह विकास के साथ ही रहता है। यह अन्य कामों के बारे में विकास की मदद करता है। गांव में किसी को क्या जरूरत है। गैंग में नया कौन पुराना कौन। किससे क्या काम लेना है। यह सब जिम्मेदारी गुड्डू की है।
- बड्डे दुबे:यह विकास के खाने पीने हर छोटी बड़ी जरुरतों का ख्याल रखता है। बड्डे इन पांचों में विकास का सबसे विश्वासपात्र भी है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3dTE3N2
No comments