कानपुर में 12 रुपए में बंटा एक लीटर पेट्रोल; लोगों ने लाइन लगाकर भराई गाड़ी की टंकी, पुलिस ने ट्रेड यूनियन उपाध्यक्ष समेत 25 पर दर्ज की एफआईआर
डीजल-पेट्रोल मूल्यवृद्धि के विरोध मे पूरे देश में प्रदर्शन हो रहा है। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) को विरोध दर्ज कराना भारी पड़ा है। दरअसल, इंटक ने 12 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल बांटकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। आम जनता को जब इस बात की भनक लगी कि कल्यानपुर के एक पेट्रोल पंप पर 12 रुपए में एक लीटर पेट्रोल मिल रहा है, तो बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए।इस बीच इंटक कार्यकर्ता समेत जनता भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भूल गई। कल्यानपुर पुलिस ने इंटक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत 20-25 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
एक घंटे बांटा 12 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल
बुधवार को कल्यानपुर के ब्रह्मदेव चौराहे पर इंटक राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय मार्तोलिया की अगुवाईमें पेट्रोल-डीजल मूल्यवृद्धि के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया गया था। इंटक कार्यकर्ताओं ने एक पेट्रोलपंप पर आम जनता को 12 लीटर प्रति लीटर पेट्रोल देने का बैनर लगाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद पेट्रोल लेने वालों की भीड़ जमा होना शुरू हो गई। दरसल एक घंटे तक ही 12 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल देने का कार्यक्रम था। इसका लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पेट्रोल पंप पर पहुंच गए।
बुधवार देर रात दर्ज हुई एफआईआर
कल्यानपुर पुलिस ने देर रात इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत 20 से 25 कार्यकर्ताओं पर महामारी अधिनियम और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने संबधी धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। वहीं इंटक का कहना है कि एफआईआर और पुलिस का डर दिखाने वाली सरकार के सामने हम झुकने वाले नहीं है। हम लोग आम जनता और मजदूरों के हक के लिए लड़ने वाले हैं, इसके लिए सरकार जो भी सजा देना चाहे दे सकती है। लेकिन, हम इसी तरह से समाज के हित के लिए अवाज उठाते रहेंगे।
हर इंसान समझदार, सोशल डिस्टेंसिंग करना उसकी जिम्मेदारी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा किहम लोगों ने किसानों, मजदूरों, छात्रों को 12 रुपए लीटर पेट्रोल देने का फैसला किया है। रही बात सोशल डिस्टेंसिंग की तो सभी लोग अपने हिसाब से रख रहे हैं। शुरू से लोग सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर चल रहे हैं। थोड़ा बहुत तो ऊपर नीचे तो होता ही रहता है। हर इंसान समझदार है, सोशल डिस्टेंसिंग बनाना उनकी जिम्मेदारी है। जब तक सरकार पेट्रोल डीजल के बढ़े हुए दामों को वापस नहीं लेगी, हमारा संघर्ष इसी तरह से जारी रहेगा। लॉकडाउन में लोगों की कमर टूट चुकी है, किसी की नौकरी चली गई तो किसी का बिजनेस बर्बाद हो गया।
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