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ग्रेटर नोएडा में आवंटियों को एकमुश्त समाधान योजना की सौगात, अथॉरिटी ने बोर्ड बैठक में लिया फैसला

ग्रेटर नोएडा कोरोना महामारी के कारण आम आदमी से लेकर संस्थाओं तक को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके देखते हुए ने अपनी 121 वीं बोर्ड बैठक में बुधवार को बड़ी राहत देने का फैसला किया। अभी तक आवासीय भूखंडों के लिए आने वाली एकमुश्त समाधान योजना का लाभ व्यवसायिक भूखंड, औद्योगिक और संस्थागत के साथ आईटी सबको देने के लिए की शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्णय लिया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ ग्रेटर नौएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष आलोक टंडन की अध्यक्षता में हुई बोर्ड की बैठक में राहत देने वाले कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण जो पहले केवल आवासीय आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाई थी, उसको कोरोना महामारी को देखते हुए प्राधिकरण की अन्य परिसम्पत्तियों आवासीय (भूखण्ड/बिल्ट-अप हाउस) के साथ-साथ वाणिज्यिक (शॉप एवं क्योसक) औद्योगिक, संस्थागत और आईटी (जिनमें सव-लीज की सुविधा उपलब्ध नहीं होती है) भूखंडों के आवंटियों के लिए भी प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्ताव को बोर्ड ने सैद्धांतिक सहमति देते हुए शासन को अंतिम निर्णय के लिए भेजने का फैसला लिया। आवंटियों को वर्तमान में आरोपित की जा रही सीआईसी/सीआईएस/हस्तान्तरण शुल्क कम करने विषयक प्रस्ताव को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। ग्रेनो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेन्द्र भूषण, नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रीतु महेश्वरी, यमुना अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरूण वीर सिंह की मौजूदगी में हुई बोर्ड की बैठक में उक्त प्रस्ताव पर तीनों प्राधिकरणों में समरूपता के साथ लागू किये जाने के लिए एक संयुक्त कमिटी बनाकर इसका परीक्षण एवं मूल्यांकन कराकर आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया। बोर्ड की इस बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने कार्यालय की कार्य प्रणाली को पेपरलेस किये जाने के संबंध में ईआरपी परियोजना प्रगति की समीक्षा भी की। मार्च 2021 तक ईआरपी परियोजना को पूर्ण किये जाने के लिए आदेशित किया गया । जिससे कि ग्रेटर नोएडा के आवंटी/निवासी इस आधुनिक परियोजना का लाभ उठा सके तथा उनको अपने कार्यो हेतु प्राधिकरण न आना पड़े और अपने घर से ही वांछित सूचनाएं/जानकारी एक क्लिक पर प्राप्त कर सकें। बोर्ड की बैठक में परियोजना विभाग द्वारा 5/6/10 प्रतिशत भूखण्डों के लीज प्लान के संबंध में बताया गया कि वर्तमान तक लगभग 18000 भूखंड कृषक आबादी श्रेणी हेतु नियोजित किये जा चुके है। जिसमें लगभग 9000 कृषक आबादी भूखण्डों के लीज प्लान तैयार कर 6 प्रतिशत आबादी विभाग को प्रेषित किये जा चुके हैं। इस सप्ताह लगभग 550 नये लीज प्लान 6 प्रतिशत आबादी विभाग को प्रेषित कर दिये गये हैं तथा लगभग 4000 कृषक आबादी के भूखण्डों पर विकास कार्य चल रहा है। जैसे-जैसे विकास कार्य पूर्ण होता जायेगा, नये लीज प्लान तैयार कर 6 प्रतिशत आबादी विभाग को प्रेषित किया जाता रहेगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डर्स/वाणिज्यिक/डेवलपर्स एवं अन्य परिसम्पत्तियों के विरूद्ध अतिदेय धनराशि की वसूली हेतु पृथक-पृथक परियोजनाओं के विरूद्ध एस्क्रो खाते के प्रतिशत को तर्कसंगत बनाने के विषयक प्रस्ताव का अनुमोदन बोर्ड द्वारा प्रदान किया गया। बोर्ड की बैठक में बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने वर्तमान में 14 ग्रामों की भूमि का क्रय/अधिग्रहण करने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।


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