ट्रक ड्राइवर कैसे बना जुर्म की दुनिया का बादशाह, 'सुपारी किंग' बदन सिंह बद्दो की दास्तां
निखिल शर्मा, मेरठ मेरठ जिले का ढाई लाख का इनामी कुख्यात बदन सिंह उर्फ बद्दो (Badan Singh Baddo) यूपी पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। ट्रक ड्राइवर की मामूली नौकरी से जरायम की दुनिया के बेताज बादशाह बने बद्दो ने प्रदेश की पुलिस (UP Police) की नींद हराम कर रखी है। अब बद्दो के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (Red Corner Notice) जारी करके इंटरपोल (Interpol) तक से उसकी गिरफ्तारी के लिए मदद मांगी गई है। लेकिन फरारी के डेढ़ साल बाद भी पुलिस बद्दो की परछाई तक को नहीं छू सकी है। कौन है बदन सिंह उर्फ बद्दो बद्दो के अतीत और हिस्ट्रीशीट को जानने के लिए 25 साल पीछे चलते हैं। दरअसल, मेरठ जिले के टीपी नगर थाना क्षेत्र के पंजाबीपुरा का रहने वाला बदन सिंह बद्दो लगभग 25 साल पहले मामूली ट्रक ड्राइवर था। इसके बाद मारपीट और जानलेवा हमले की छोटी-मोटी घटनाओं से वह सुर्खियों में आया। जल्द ही बद्दो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर के संपर्क में आ गया। यहां से वह लगातार अपराध जगत की सीढ़ियां चढ़ता चला गया। जुर्म की दुनिया में दी बड़े-बड़ों को मात कुख्यात बदन सिंह के अपराधिक इतिहास की बात करें तो उसके खिलाफ हत्या से लेकर जमीन कब्जा करने तक के सैकड़ों मुकदमे दर्ज हैं। केबल व्यवसायी पवित्र मैत्रेय की हत्या में कुख्यात बदन सिंह का हाथ रहा है। वर्ष 2011 में सदर थाना क्षेत्र में हुई बीएसपी जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या में भी बद्दो वॉन्टेड है। एडवोकेट देवेंद्र गुर्जर हत्याकांड में बद्दो को आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। पढ़ें: इसी के साथ मेरठ जिले के प्रतिष्ठित व्यवसायी राजेश दीवान से दो करोड़ की रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में बद्दो के खिलाफ परतापुर और लालकुर्ती थाने में मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। बद्दो के खिलाफ जिले में दर्जनों संपत्ति पर कब्जा करने और रंगदारी वसूलने के मामले भी दर्ज हैं। इसी के साथ बद्दो को सुपारी किंग भी कहा जाता है। कुख्यात बदन सिंह सुपारी लेकर अब तक कई हत्याएं करा चुका है। फरारी में 6 पुलिसकर्मी सहित 21 गए थे जेल एडवोकेट देवेंद्र गुर्जर हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा मिलने के बाद बद्दो को फर्रुखाबाद जेल में शिफ्ट किया गया था। इसी दौरान फर्रुखाबाद पुलिस बद्दो को गाजियाबाद में पेशी पर लाई थी। 28 मार्च 2019 को बद्दो पेशी से लौटते समय सभी पुलिसकर्मियों को लेकर मेरठ के होटल मुकुट महल में रुका। जहां शराब पार्टी के दौरान पुलिसकर्मियों को बेहोश करके बद्दो होटल से फरार हो गया। बद्दो की फरारी में फर्रुखाबाद जिले के छह पुलिसकर्मियों सहित कुल इक्कीस व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था। जिनमें मेरठ के कई नामचीन व्यापारियों सहित होटल मुकुट महल के मालिक मुकेश गुप्ता और करण पब्लिक स्कूल के संचालक भानु प्रताप भी जेल गए थे। फिलहाल, पुलिस ने बद्दो के ऊपर ढाई लाख और उसे फरार कराने के मामले में बद्दो के बेटे सिकंदर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया है। इसी के साथ बद्दो को विदेश जाने से रोकने के लिए उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करके इंटरपोल से भी मदद मांगी गई है। कुख्यात के मकान के ध्वस्तीकरण की तैयारी जिले की पुलिस ने बद्दो पर शिकंजा कसते हुए कुछ समय पहले पंजाबीपुरा स्थित उसकी आलीशान कोठी की कुर्की की थी। इसी के साथ इस कोठी को अवैध बताते हुए मेरठ विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण का नोटिस भी जारी कर दिया है। जवाब में बद्दो के वकील ने मेरठ कमिश्नर कार्यालय में अपील की है, जिस पर सुनवाई होना बाकी है। एसएसपी अजय साहनी का दावा है कि जल्द ही कुख्यात बद्दो सलाखों के पीछे होगा।
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